सोरायसिस के लिए उपलब्ध इलाज

सोरायसिस के लिए उपलब्ध इलाज

आज सोरायसिस के मरीज फ़ास्ट रिजल्ट के लिए सबसे पहले एलॉपथी डॉक्टर के पास जाते है, मरीज को सिर्फ सोरायसिस के लक्षणों से छुटकारा चाहिए जहा वो साइड इफ़ेक्ट के लिए सोचते नहीं है. आज हर डॉक्टर सोरायसिस का इलाज करता है लेकिन सिर्फ सोरायसिस के सामने लक्षणों से थोड़ी बहोत राहत देते है और वो भी छोटी अवधि के लिए |

जब सोरायसिस फैलना चालू होजाता है और परिस्तिथि बिगड़ने लगती है ये मरीज स्किन स्पेशियलिस्ट या डर्मेटोलॉजिस्ट को रिफर कर दिया जाता है |

सोरायसिस के इलाज का मुख्य हेतु

  • स्किन में जो सेल बहोत ही जल्दी से बढ़ रहे है (सेल डिवीज़न ) उसे रोकना या बंद करना
  • स्किन के ऊपर जो पपड़ी बनती है उसे जल्दी से हटाना और स्किन को स्मूथ करना

सोरायसिस का इलाज काफी सारी चीजों पर निर्भर है जैसे की

  • सोरायसिस का प्रकार
  • सोरायसिस की तकलीफ
  • बदन में कौन सा हिस्सा सोरायसिस से पीड़ित है

मरीज जब शरुआत में डॉक्टर के पास जाता है तब ज्यादातर डॉक्टर्स शरुआत में उसे स्टेरॉइड का माइल्ड यानि हल्का डोज़ देते है , अगर सोरायसिस ज्यादा नहीं है और ज्यादा वक़्त नहीं हुआ ये स्टेरॉइड की दवाई से मरीज को बहोत जल्दी आराम मिलता है ,खुजली बंद हो जायेगी और पपड़ी निकलना भी बंद हो जाएगी |

सोरायसिस के लिए आज कई इलाज उपलब्ध है जो मरीज की सेहत और सोरायसिस कितना है और सोरायसिस को लेकर मरीज को कितनी तकलीफ हो रही है उसके अनुसार इलाज किया जाता है. जो दवाई फ़ास्ट रिजल्ट देती है उसमे साइड इफ़ेक्ट होने के चान्सिस बहोत ही ज्यादा होते है |

आज सोरायसिस के इलाज के लिए 3 अलग अलग दवाइया साथ में या अलग अलग तरीके से देकर इलाज किया जाता है |

टोपिकल (लगाने वाली दवाइया ): बदन के कुछ हिस्सों में सोरायसिस है तो ये मरीज को उस स्किन जहा पर सोरायसिस है वहा लगाने के लिए दिया जाता है, उदाहरन : ट्यूब, ऑइंटमेंट,क्रीम ये दवाइया स्किन पर लगाने के लिए दी जाती है जिससे स्किन स्मूथ रहे और मरीज को स्किन कटने का या खुजली की तकलीफ नहीं होती.ऑइंटमेंट या ट्यूब अगर थोड़ा सी जगह पर सोरायसिस है तो काम होगा, ऑइंटमेंट का इस्तेमाल सिर्फ स्किन को स्मूथ रखने के लिए होता है | ट्यूब , ऑइंटमेंट या मलम लगाने से सोरायसिस नहीं मिटा सकते

फोटोथेरेपी: सोरायसिस वाली स्किन को किसी अलग प्रकार के किरणों से इलाज किया जाता है | फोटो थेरेपी अगर सोरायसिस के मरीज को दी जाये तो सेल जो जल्दी जल्दी प्रोडक्शन कर रहा है उसकी गति को घटा सकते है जिससे की थोड़े वक़्त के लिए मरीज की स्किन स्मूथ हो जाती है और पपड़ी नहीं निकलती | फोटोथेरेपी सोरायसिस का इलाज नहीं है |

ओरल और इंजेक्शन: सोरायसिस में सेल का प्रोडक्शन कम करने के लिए ये दवाइया दी जाती है |

थोड़ा विस्तार से जानते है आइये :

टोपिकल: इस तरह की दवाई का इस्तेमाल ज्यादातर शरुआती सोरायसिस में किया जाता है जहा पर सोरायसिस बदन के कुछ हिस्सों में ही हो और ज्यादा पुराना न हो |

यहाँ जो दवाइया दी जाती है उनके उदाहरन :

  • Topical corticosteroids
  • Vitamin D analogues
  • Anthralin, Dithranol
  • Topical retinoids (tazarotene)
  • Coal tar
  • Moisturizers
  • Salicylic acid (also chemically known as orthohydroxybenzoic acid

फोटोथेरेपी: किरणों से इलाज किया जाता है, ये किरणे नैचरल या आर्टिफिशल होती है |

  • Sunlight
  • UVB (ultraviolet B)
  • PUVA (psoralean plus ultraviolet A
  • Combination light

ओरल और इंजेक्शन

  • Methotrexate
  • Acitretin (Soriatane)
  • Ciclosporine (ciclosporin)

सोरायसिस के बारे में सब कुछ