स्टेरॉइड की साइड इफ़ेक्ट सोरायसिस में

आज स्टेरॉइड दवाई का इस्तेमाल काफी सारी बीमारियों में किया जाता है जहा अलग अलग तरीके से स्टेरॉइड मरीज को दिया जाता है जैसे की टेबलेट इंजेक्शन व् क्रीम के रूप में |

बीमारी जहा जान का खतरा है वहा स्टेरॉइड माँ इस्तेमाल करना सलाहनीय है जान बचाने के लिए, लेकिन आज हर डॉक्टर स्टेरॉइड दवाई का इस्तेमाल हर छोटी बड़ी बीमारी को ठीक करने में कर रहे है जो सलाहनीय नहीं है |

कुछ ऐसी बीमारिया जहा स्टेरॉइड दिया जाता है लेकिन अगर ध्यान न रखे तो रिजल्ट के साथ साइड इफ़ेक्ट भी देखने को मिलते है |

  • त्वचा रोग: सोरायसिस, एक्जिमा, विटिलिगो, ichen Planus आदि।
  • दमा
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस

लम्बी अवधि में साइड इफ़ेक्ट :

स्टेरॉइड की साइड इफ़ेक्ट शरुआत में देखने को नहीं मिलती , लम्बे वक़्त तक इस्तेमाल करने के बाद आपकी हेल्थ पर इसकी असर देखने को मिलती है जिसमे से कुछ हमने यहाँ बताई है |

डिपेंडेन्सी (आदत होना ) : स्टेरॉइड की सबसे बड़ी खामी ये है की स्टेरॉइड इस्तेमाल करने के बाद उसकी आदत सी हो जाती है और मरीज अपने आप स्टेरॉइड की दवाइया डॉक्टर को दिखाए बगैर चालू रखता है, मरीज को ये मालूम है की अगर में ये दवाई छोड़ दूंगा तो बीमारी वापस आ जाएगी और अभी ये दवाई लेने की वजह से अच्छा लग रहा है इसलिए मरीज अपनी मर्जी से स्टेरॉइड की दवाइया चालू रखता है और धीमे धीमे ये आदत सी हो जाती है |

रिबाउंड इफ़ेक्ट (बीमारी वापस होना और बढ़ जाना ) : स्टेरॉइड के इस्तेमाल से बहोत ही जल्दी रिजल्ट मिलता है जिससे मरीज खुश होता है और इसे डॉक्टर की सलाह के बगैर अपने आप से लेता रहता है, लेकिन जब दवाइया किसी कारन वस् बंद की जाये या आप लेना भूल गए तो तुरंत ही बीमारी वापस आजाती है और बीमारी बढ़ भी जाती है जिसका मरीज को दवाई बंद करने के बाद एहसास होता है, सोरायसिस में मरीज ने अगर स्टेरॉइड की दवाई को छोड़ दिया या थोड़े वक़्त के लिए नहीं लिया तो सोरायसिस फिरसे होना और बढ़ना चालू हो जाता है,कभी कभी ये भी देखा गया है की बीमारी पहले से काफी ज्यादा बढ़ जाती है |

रोग प्रतिकारक शक्ति कम करता है : स्टेरॉइड एक इम्यून-सप्रेस्सिव दवाई है जिसका लम्बी अवधि के लिए इस्तेमाल सलाहनीय नहीं है , अगर लम्बी अवधि के लिए आप इसे इस्तेमाल करते है तो आप की रोग प्रतिकारक शक्ति कम हो जाएगी जिससे दूसरी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है, अगर मरीज की रोग प्रतिकारक शक्ति कम हो जाये तो उसे दूसरी बीमारी होने का खतरा रहता है और अगर कोई दूसरी बीमारी हो गयी तो फिर सोरायसिस को मिटाने में बहोत तकलीफ हो सकती है क्यों की आपकी बॉडी एक साथ अनेक बीमारियों से नहीं लड़ सकती |

भूख लगना, वजन बढ़ना : स्टेरॉइड के इस्तेमाल से मरीज को ज्यादा भूख लगती है और वजन बढ़ने की शिकायत भी रहती है, ये एक आम साइड इफ़ेक्ट है जो हमने हर सोरायसिस के मरीज में देखा,ज्यादातर मरीज का वजन स्टेरॉइड का इस्तेमाल करने की वजह से ज्यादा होता है और जिसकी वजह से कभी कभी दवाइया कम नहीं करती | प

ुरे बदन में सूजन होना : स्टेरॉइड का इस्तेमाल अगर लम्बे वक़्त के लिए किया जाये तो ये बदन में पानी और सॉल्ट के बैलेंस को डिस्टर्ब करता है जिससे की ब्लड-प्रेशर और बदन में सूजन रहती है, अगर सोरायसिस के इलाज में बदन में सूजन आ जाये तो आप की तकलीफ बढ़ सकती है और अगर आप एलॉपथी दवाई का सहारा ले रहे है तो हो सकता है वो सोरायसिस के इलाज को डिस्टर्ब करे |

चर्बी का जमा होना : स्टेरॉइड के इस्तेमाल से आपकी पाचन क्रिया धीमी या डिस्टर्ब होती है जिससे काफी सारे मरीज बदन में चर्बी जमा होने की शिकायत करते है |

स्किन में बदलाव : स्टेरॉइड के वजह से स्किन में काफी सारे बदलाव देखने को मिलते है जैसे की स्किन ड्राय होना , कलर में थोड़ा फर्क होना,खुजली आना और कभी कभी स्किन का लाल हो जाना, स्किन अपना नॉर्मल कलर और स्वाभाव खो बैठती है , मरीज भी ये शिकायत करते है की अब हमारी स्किन पहले जैसी सॉफ्ट और मुलायम नहीं है |

बार बार इन्फेक्शन लगना : स्टेरॉइड आपकी रोग प्रतिकारक शक्ति को कम करता है जिससे की बार बार दूसरी बीमारी का इन्फेक्शन लगना या उसके लक्षण दिखना एक आम बात है, अगर सोरायसिस के मरीज को बार बार इन्फेक्शन लगेगा तो हो सकता है उसकी वजह से और अलग अलग दवाइयों की वजह से मरीज के लिए सोरायसिस की तकलीफ बढ़ जाये, इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए काफी वक़्त चाहिए जिसे आपको ध्यान में रखना है और इन्फेक्शन से दूर रहना है |

नींद नहीं आना : काफी मरीजों को रात को नींद नहीं आती, स्टेरॉइड के ज्यादा इस्तेमाल करने से रात को कभी कभी मरीज को बेचैनी का अनुभव होता है जिससे नींद पूरी नहीं होती, थोड़ी बहोत चिंता जो होती है वो घबराहट की वजह से बढ़ जाती है और मरीज अपने सोरायसिस को लेकर घंटो तक जगता रहता है, स्टेरॉइड की वजह से कुछ ऐसी अजीब सी फीलिंग रात को होती है जो मरीज को सोने नहीं देती |

स्वभाव में बदलाव आना : मरीज जिसको सोरायसिस है और स्टेरॉइड का इस्तेमाल कर रहा है , बीमारी की वजह से और स्टेरॉइड की वजह से स्वभाव में काफी बदलाव आजाता है मरीज चिचिड़ा होजाता है, काफी दवाई करने के बाद अगर सोरायसिस नहीं मिट रहा और स्टेरॉइड छोड़ने पर वापस हो रहा है तो मरीज इस वजह से परेशान तो होता ही है साथ में वो अपना संतुलन खो देता है और स्वाभाव चिचिड़ा हो जाता है |

आखो में तकलीफ होना : स्टेरॉइड के वजह से काफी बार ये भी देखा गया है की मरीज को छोटी उम्र में मोतिया हो जाता है और कभी कभी आखो में नंबर भी आजाते है, काफी सारे सोरायसिस के मरीजों को हमने देखा की उन्होंने छोटी उम्र में मोतिये का ऑपरेशन करवाया है और कभी कभी आखो की रौशनी कम होने की शिकायत भी करते है ! बदन में दर्द होना ,सर दर्द ,चक्कर आना पाचन डिस्टर्ब होना पेट में अल्सर होना या पेन्क्रिया में सूजन आना ये स्टेरॉइड की साइड इफ़ेक्ट है जो लम्बे वक़्त के लिए लेने के बाद होती है |

एड्रेनल सप्रेशन : लम्बी अवधि के लिए अगर स्टेरॉइड का इस्तेमाल किया जाये तो बदन में सारे हॉर्मोन्स में बदलाव आता है जो पूरी बॉडी के नॉर्मल फंक्शन को डिस्टर्ब करता है |

डायबिटीस : लम्बे समय के लिए अगर स्टेरॉइड का इस्तेमाल किया जाये तो हो सकता है ये ब्लड ग्लूकोज़ लेवल बढ़ा दे और डायबिटीस होने की सम्भावना बढ़ जाती है |

क्रिटिकल साइड इफ़ेक्ट :

स्टेरॉइड से होने वाली कुछ साइड इफ़ेक्ट ऐसी है जिसमे आपको तत्काल डॉक्टर से बात करना या उसका इलाज करवाना पड़ता है | अगर आप स्टेरॉइड ले रहे हो और इसमेसे किसी भी प्रकार के लक्षण दिखे तो आपको तत्काल अपने डॉक्टर की राय लेनी जरुरी बनती है |

  • कभी कभी आखो की देखने की रौशनी कम हो जाती है
  • बहोत ज्यादा सर दर्द , कमजोरी , धड़कन का तेज होना , बहोत ज्यादा पसीना निकलना , ठंण्ड का अनुभव होना
  • बदन में एलर्जी होना यानि पीठ में पैरो में चेहरे पर स्किन अचानक मोती होना और लाल हो जाना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • मल का कलर काला होना या उसमे खून निकलना

स्टेरॉइड के बारे में ज्यादा जानिए ....

किसी भी डॉक्टर के लिए स्टेरॉइड से इलाज चालू करना बहोत ही आसान है लेकिन उसे बंद करना उतना ही मुश्किल है कभी कभी ऐसा भी होता है स्टेरॉइड के इस्तेमाल के बाद मूल बीमारी से ज्यादा मेहनत स्टेरॉइड के इस्तेमाल से होने वाली साइड इफ़ेक्ट को ठीक करने में लगता है |

जब आप डॉक्टर के पास जाये तो ये सवाल जरूर पूछे

  • क्या ये स्टेज में अभी स्टेरॉइड खाना जरुरी है ?
  • स्टेरॉइड मेरी बीमारी को ठीक करेगा या उसे छुपा देगा ?
  • मुघे कितने वक़्त के लिए स्टेरॉइड लेना पड़ेगा, स्टैण्डर्ड गाइडलाइन क्या कहती है ?
  • क्या होगा जब में ये दवाई बंद करूँगा ?
  • स्टेरॉइड के साइड इफ़ेक्ट क्या है ?
  • स्टेरॉइड दवाई बंद करने के बाद बीमारी वापस आने के चान्सिस कितने है ? और अगर बीमारी वापस आई तो उसे ठीक करने के लिए कोनसी दवाई कम करेगी ?

सोरायसिस के बारे में सब कुछ